दीपक प्रकाश का मंत्री पद बचा, लेकिन 2027 के बाद फिर फंसेगा पेंच?
भाजपा MLC देवेश कुमार के इस्तीफे से पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश का पद फिलहाल सुरक्षित। उन्हें विधान परिषद भेजने की तैयारी। लेकिन उनका कार्यकाल मार्च 2027 तक ही रहेगा। 2030 तक मंत्री बने रहने पर अभी भी संशय। जानिए पूरा सियासी गणित।
पटना: भाजपा MLC देवेश कुमार के इस्तीफे के बाद बिहार सरकार में पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश के पद पर लगा संवैधानिक संकट फिलहाल टल गया है। अब दीपक प्रकाश को खाली हुई विधान परिषद सीट से सदन में भेजने की तैयारी है।
लेकिन बड़ा सवाल ये है कि क्या इससे उनका मंत्री पद 2030 तक सुरक्षित हो जाएगा? संवैधानिक जानकारों के अनुसार इसका जवाब अभी "नहीं" में है।
संकट क्यों आया था
संविधान के अनुच्छेद 164(4) के तहत कोई भी मंत्री बिना विधायक या MLC बने 6 महीने से ज्यादा पद पर नहीं रह सकता। दीपक प्रकाश मंत्री बनने के बाद किसी सदन के सदस्य नहीं थे। मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया था। कोर्ट ने सरकार से पूछा कि बिना सदस्यता के वे कितने समय तक मंत्री रह सकते हैं।
देवेश कुमार के इस्तीफे से निकला हल
सियासी दबाव के बीच भाजपा ने देवेश कुमार से इस्तीफा दिलवा दिया। देवेश राज्यपाल कोटे से 17 मार्च 2021 को MLC बने थे और उनका कार्यकाल मार्च 2027 तक है। इसी सीट पर अब दीपक प्रकाश को भेजा जाएगा। इससे उनका मंत्री पद तुरंत सुरक्षित हो जाएगा और SC में उठा सवाल भी खत्म होगा।
2027 के बाद क्या होगा?
यहीं पेंच फंसता है। दीपक प्रकाश को नया 6 साल का कार्यकाल नहीं मिलेगा। वे सिर्फ देवेश के बचे हुए कार्यकाल तक यानी मार्च 2027 तक ही MLC रहेंगे। उस बाद फिर से उन्हें विधानसभा या विधान परिषद की सदस्यता लेनी होगी, वरना मंत्री पद फिर खतरे में पड़ जाएगा।
NDA और RLM का समीकरण
सूत्रों का कहना है कि दिल्ली नेतृत्व के इशारे पर यह फैसला लिया गया ताकि सहयोगी दल RLM की नाराजगी दूर हो सके। RLM प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा लगातार कह रहे थे कि दीपक प्रकाश को पूरे कार्यकाल के लिए मंत्री बनाया गया है। 2025 चुनाव में RLM के 4 विधायक जीते हैं और कुशवाहा समाज का बड़ा वोट बैंक NDA के लिए अहम है।
देवेश कुमार का आगे क्या
इस्तीफे के बाद देवेश कुमार ने कहा कि वे पार्टी के आदेश का पालन करेंगे। भाजपा में चर्चा है कि उन्हें संगठन में बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है।
देवेश के इस्तीफे ने तत्काल संकट टाल दिया है, लेकिन मार्च 2027 के बाद दीपक प्रकाश को फिर से चुनावी परीक्षा देनी होगी। तभी 2030 तक मंत्री बने रहने का रास्ता साफ हो पाएगा।
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