बिहार में UCC पर JDU-BJP में तकरार - क्या नीतीश के बिना सम्राट सरकार चल पाएगी? NDA में अंतर्विरोध की इनसाइड स्टोरी
बिहार में UCC पर JDU और BJP के बीच मतभेद से सरकार गिरने की चर्चा तेज है, लेकिन हकीकत क्या है? नीतीश कुमार UCC के पक्ष में हैं पर कहते हैं बिहार अभी लागू करने की स्थिति में नहीं है, यहां गंगा-जमुनी संस्कृति है, पहले विमर्श हो। अमित शाह का बयान 2029 तक लागू करने का है, तब तक बहुत पानी बहेगा। संख्या बल देखें तो JDU माइनस BJP के पास 115 है, सरकार बचाने के लिए 7 वोट का जुगाड़ BJP कर सकती है। RJD के पास अब 25 और कांग्रेस के पास 6 विधायक हैं, कई विधायक BJP संपर्क में बताए जा रहे हैं। JDU में भी एक धड़ा BJP के साथ रहने को तैयार है। UCC पर JDU की बोंबिंग सेक्युलर चेहरा बचाने की राजनीतिक जरूरत है।
पटना - बिहार में इन दिनों अलग दिखने की होड़ मची है। UCC पर ऐसा धमाल है कि लग रहा सरकार अभी गिरी तब गिरी। लेकिन क्या विरोध इतना गहरा है कि NDA गिर जाए और BJP अकेले मैजिक नंबर न जुटा पाए? चलिए अंतर्विरोध की अंतर्कथा समझते हैं।
UCC पर JDU सरकार गिरा देगी?
अंदरखाने और एक्सपर्ट मानते हैं तत्काल ऐसा संभव नहीं, वो भी UCC पर तो बिल्कुल नहीं। नीतीश कुमार UCC के पक्ष में रहे हैं, बस कहते हैं बिहार अभी लागू करने की स्थिति में नहीं है। बिहार कई धर्मों और संस्कृतियों वाला प्रदेश है, गंगा-जमुनी तहजीब का कायल है। पहले सामाजिक-सांस्कृतिक मंचों पर बहस हो, विमर्श हो, जिन्हें कल्चर पर खतरा लगता है उन्हें मानसिक रूप से तैयार किया जाए, थोपा न जाए। अमित शाह ने 2029 तक लागू करने की बात कही है। नीतीश जैसे चाणक्य जानते हैं तब तक गंगा में कितना पानी बह जाएगा।
सरकार बनाने-गिराने का गणित
अगर टकराव चरम पर भी पहुंचे तो JDU आसानी से महागठबंधन के साथ सरकार बना ले, वो स्थिति नहीं है। 2020 में RJD के 75 और कांग्रेस के 19 विधायक थे, अब RJD 25 और कांग्रेस 6 पर है। चर्चा है राजद-कांग्रेस के कई विधायक सीधे BJP संपर्क में हैं। BJP ने विधानसभा समितियों और आयोगों में विपक्षी विधायकों को एडजस्ट कर ताकत बढ़ाई है।
JDU माइनस BJP और सहयोगियों की संख्या 115 है, ऐसे में 7 वोट का अरेंजमेंट BJP के पास कई फॉर्मूले से है। JDU के भीतर भी एक धड़ा RJD के साथ जाने के बजाय BJP के साथ खड़ा है। उदय नारायण चौधरी ने अध्यक्ष रहते अलग गुट का गणित भी दिखाया है। अल्पमत में BJP कैसे समीकरण साधती है ये जगजाहिर है।
नीतीश का सेक्युलर चेहरा
UCC के खिलाफ JDU की बयानबाजी राजनीतिक जरूरत है, सरकार गिराने के लिए नहीं। थ्री C - क्राइम, करप्शन और कम्युनलिज्म के नायक नीतीश को अपना चेहरा BJP के हिंदुत्व के बरक्स सेक्युलर धार पर दिखाना है। सत्ता की नूरा-कुश्ती में ये सब चलता है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)