2027 से पहले चंद्रशेखर का बड़ा दांव! ASP ने 45 सीटों पर उतारे उम्मीदवार, सपा-कांग्रेस की बढ़ी टेंशन
आजाद समाज पार्टी ने 2027 चुनाव के लिए 45 सीटों पर उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की। 18 दलित, 16 ओबीसी, 10 मुस्लिम और 1 सिख को मौका। विश्लेषकों का मानना है ASP अब बसपा के साथ-साथ सपा के पीडीए वोट बैंक को भी चुनौती देगी।
लखनऊ: 2027 विधानसभा चुनाव में अभी 2 साल बाकी हैं, लेकिन आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने सियासी मैदान में हलचल मचा दी है। पार्टी ने 45 सीटों पर उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर सपा और कांग्रेस के लिए नई चुनौती खड़ी कर दी है।
#### किसे मिला टिकट?
ASP की लिस्ट में सामाजिक समीकरण साफ दिखता है:
18 SC, 16 OBC, 10 मुस्लिम और 1 सिख उम्मीदवार शामिल हैं।
लखनऊ छावनी, गोविंद नगर, विश्वनाथगंज जैसी 5 सामान्य सीटों पर भी पार्टी ने दलित चेहरे उतारे हैं।
विश्लेषकों की राय
वरिष्ठ विश्लेषक वीरेंद्र सिंह रावत का कहना है कि ASP अब तक खुद को बसपा के विकल्प के रूप में पेश कर रही थी। लेकिन ये सूची बताती है कि अब निशाना सीधे सपा और कांग्रेस के वोट बैंक पर है।
रतन मणि लाल के मुताबिक चंद्रशेखर ने अपनी रणनीति बदली है। जिन सीटों पर उम्मीदवार दिए गए हैं, वहां का सामाजिक समीकरण सपा के पीडीए फार्मूले से टकराता है। दलित-पिछड़ा-मुस्लिम कॉम्बिनेशन से ASP सपा के कोर वोट में सेंध लगाने की कोशिश कर रही है।
ASP का जवाब
यूपी अध्यक्ष सुनील चितौड़ ने कहा कि पार्टी किसी की 'बी-टीम' नहीं है। लक्ष्य 403 सीटों पर चुनाव लड़ना है। अगली सूची 10-12 दिन में आएगी। गठबंधन पर फैसला राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद लेंगे। टिकट जाति नहीं, विचारधारा के आधार पर दिए जा रहे हैं।
सपा का रुख
सपा प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने कहा कि सपा की लड़ाई वंचितों के हक के लिए है। भाजपा के खिलाफ बोलने वाली हर ताकत विपक्ष को मजबूत करती है। उन्होंने साफ किया कि ASP के साथ गठबंधन पर अभी कोई बात नहीं हुई है और सपा चंद्रशेखर को प्रतिद्वंद्वी नहीं मानती।
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