राम मंदिर ट्रस्ट को मिला पहला CEO, रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा के नाम पर मुहर, 3 साल तक संभालेंगे जिम्मा
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को पहला CEO मिल गया। सूत्रों के मुताबिक रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा के नाम पर मुहर लगी, प्रेस वार्ता में आधिकारिक ऐलान होगा। अप्रैल में वायुसेना से रिटायर हुए मिश्रा 38 साल तक फाइटर पायलट, कॉम्बैट इंस्ट्रक्टर, टेस्ट पायलट रहे, 3000+ घंटे उड़ान, ऑपरेशन सिंदूर और कारगिल युद्ध में भूमिका, सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल से सम्मानित। देवरिया UP के रहने वाले, NDA खड़कवासला के छात्र। 5500+ आवेदन में से 18 शॉर्टलिस्ट, खान-पान, रहन-सहन, हिंदू मान्यताओं पर सवाल पूछे गए। CEO मंदिर का प्रशासनिक, वित्तीय, कानूनी प्रबंधन देखेंगे। चयन के लिए जस्टिस प्रमोद कोहली, विष्णुकांत चतुर्वेदी, सुरेश हावड़े की कमेटी बनी थी। चढ़ावा चोरी कांड के बाद नियुक्ति की मांग तेज हुई थी।
अयोध्या: श्री राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को उसका पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) मिल गया है। सूत्रों के अनुसार रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा के नाम पर अंतिम मुहर लग गई है। आधिकारिक घोषणा ट्रस्ट की प्रेस वार्ता में की जाएगी। मिश्रा नियुक्ति के दिन से 3 साल तक इस पद पर रहेंगे।
कौन हैं जितेंद्र मिश्रा?
इसी साल अप्रैल में वायुसेना से रिटायर हुए एयर मार्शल मिश्रा ने 38 साल तक सेवा दी है। वह फाइटर पायलट, कॉम्बैट इंस्ट्रक्टर और टेस्ट पायलट रहे हैं। उनके पास 3000 घंटे से ज्यादा उड़ान का अनुभव है।
वह 1999 कारगिल युद्ध और पिछले साल के ऑपरेशन सिंदूर में अहम भूमिका निभा चुके हैं। उन्हें सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल से सम्मानित किया गया है। मूल रूप से UP के देवरिया के रहने वाले मिश्रा NDA खड़कवासला के छात्र रहे हैं।
5500 आवेदनों में से चयन
ट्रस्ट के CEO पद के लिए 5500 से ज्यादा आवेदन आए थे, जिनमें से 18 नाम शॉर्टलिस्ट हुए। शॉर्टलिस्ट उम्मीदवारों से खान-पान, रहन-सहन और हिंदू धर्म की मान्यताओं पर सवाल पूछे गए। चयन के लिए ट्रस्ट ने 3 सदस्यीय कमेटी बनाई थी - रिटायर्ड जस्टिस प्रमोद कोहली, विष्णुकांत चतुर्वेदी और सुरेश हावड़े।
क्या करेंगे नए CEO?
CEO की सबसे बड़ी जिम्मेदारी मंदिर का प्रशासनिक, वित्तीय और कानूनी प्रबंधन संभालना होगी। मंदिर की व्यवस्थाओं, सुरक्षा, दर्शन प्रणाली और ट्रस्ट के कामकाज को प्रोफेशनल तरीके से चलाना।
बता दें, इस साल जून-जुलाई में राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला सामने आया था, जिसमें 8 लोग गिरफ्तार हुए थे। इसके बाद ट्रस्ट की व्यवस्थाओं में बदलाव और CEO नियुक्ति की मांग तेज हुई थी। राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने सबसे पहले CEO नियुक्ति का प्रस्ताव रखा था, हालांकि ट्रस्ट के भीतर कुछ संतों ने इसका विरोध करते हुए संचालन संतों के हाथ में रखने की बात कही थी।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)