मायावती ने फिर किया आकाश आनंद को पैदल, बोलीं- अभी मैच्योर नहीं, नेशनल कोऑर्डिनेटर पद से हटाया, 4 दिन में दो बैठकों में नहीं बुलाया
BSP में आकाश आनंद के सितारे फिर गर्दिश में। मायावती ने गुरुवार को लखनऊ में राष्ट्रीय बैठक में कहा- आकाश अभी मैच्योर नहीं, और परिपक्व होना बाकी, फिलहाल कोई बड़ी जिम्मेदारी नहीं। नेशनल कोऑर्डिनेटर पद से हटाया। 4 दिन पहले यूपी बैठक और अब राष्ट्रीय बैठक में आकाश को नहीं बुलाया, भाई आनंद कुमार और भतीजा ईशान मौजूद रहे। 2017 में सहारनपुर शब्बीरपुर हिंसा के बाद चंद्रशेखर आजाद के उभार पर मायावती राज्यसभा से इस्तीफा देकर सहारनपुर गईं, पहली बार आकाश को मंच पर लाईं, तब से उत्तराधिकारी माने जा रहे थे, पर कई बार मंच से उतारे गए। 2022 में प्रचार कमान, जूता मारकर सरकार हटाने वाले बयान पर केस, फिर घर बैठाया, फिर बहाली। शादी अशोक सिद्धार्थ की बेटी से, सिद्धार्थ पर हस्तक्षेप का आरोप लगा पार्टी से निकाला, आकाश भी किनारे, माफी के बाद वापसी। पिछले महीने 2027 चुनाव के लिए कैंडिडेट ऐलान का जिम्मा दिया, हाथरस सादाबाद 10 अगस्त और जेवर 25 अगस्त को नाम घोषित किए, सपा-केंद्र-बीजेपी पर हमला, अखिलेश-राहुल को अंकल कहा। 24 घंटे में कैंडिडेट चयन का अधिकार वापस लिया, फिर ससुर अशोक सिद्धार्थ को फिर निकाला, अब दामाद के भी
लखनऊ: लगता है BSP के नेशनल कोऑर्डिनेटर आकाश आनंद के सितारे गर्दिश से निकल नहीं पा रहे। 2017 में पहली बार सियासी मंच पर चढ़े आकाश को कई बार उसी मंच से उतार दिया गया और ये करने वाली कोई और नहीं, उनकी बुआ मायावती ही हैं।
गुरुवार को मायावती ने लखनऊ में राष्ट्रीय बैठक बुलाई और साफ कहा - आकाश अभी मैच्योर नहीं है, उसे और परिपक्व होने की जरूरत है, इसलिए फिलहाल कोई बड़ी जिम्मेदारी नहीं मिलेगी। साथ ही नेशनल कोऑर्डिनेटर पद से भी हटा दिया।
एक तरह से मायावती ने आकाश को सियासी तौर पर 'पैदल' कर दिया। 4 दिन पहले बुलाई गई यूपी की बैठक और आज की राष्ट्रीय बैठक, दोनों में आकाश को बुलाया तक नहीं गया, जबकि भाई आनंद कुमार और दूसरा भतीजा ईशान आनंद मौजूद रहे। लगातार तीसरे झटके के बाद BSP में आकाश की भूमिका पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।
कैंडिडेट ऐलान से हटाया
आकाश को हाल ही में 2027 विधानसभा चुनाव के लिए कैंडिडेट्स के नाम ऐलान का जिम्मा दिया गया था। 10 अगस्त को हाथरस की सादाबाद में पहली सभा कर उन्होंने चुनावी शंखनाद किया था। सभा में BJP, केंद्र-प्रदेश सरकार, सपा-कांग्रेस पर हमला बोला और अखिलेश यादव और राहुल गांधी को 'अंकल' कहा, बोले मेरी उम्र 30 है, अखिलेश 50 के करीब, अंकल कहने में अनादर नहीं।
लेकिन जिम्मा देने के 24 घंटे में ही मायावती ने कैंडिडेट चयन का अधिकार अपने पास रख लिया और आकाश को सिर्फ नाम घोषित करने को कहा। उन्होंने 10 अगस्त सादाबाद और 25 अगस्त गौतमबुद्ध नगर की जेवर सीट पर नाम घोषित भी किया।
2017 से अब तक की उठापटक
2017 में सहारनपुर के शब्बीरपुर में ठाकुर-दलित हिंसा के बाद चंद्रशेखर आजाद चर्चा में आए तो मायावती ने राज्यसभा से इस्तीफा देकर सहारनपुर दौरा किया और पहली बार आकाश को साथ मंच पर ले गईं, तभी से उन्हें उत्तराधिकारी माना जाने लगा।
2022 विधानसभा में प्रचार की कमान दी, आकाश ने BJP पर तीखा हमला किया, जूता मारकर सरकार हटाने तक की बात कह दी, केस दर्ज हुआ तो मायावती ने घर बैठा दिया, फिर बाद में बहाल कर नेशनल कोऑर्डिनेटर बनाया।
शादी के बाद विवाद बढ़ा
बीच में आकाश की शादी BSP के दिग्गज नेता पूर्व राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ की बेटी से हुई। कुछ दिन बाद मायावती ने सिद्धार्थ पर पार्टी काम में हस्तक्षेप का आरोप लगाकर निकाल दिया, आकाश को भी किनारे कर दिया। लंबे इंतजार और माफी के बाद दोनों की वापसी हुई।
पिछले महीने फिर प्रचार और कैंडिडेट ऐलान का जिम्मा मिला, फिर 24 घंटे में अधिकार छिना, फिर ससुर अशोक सिद्धार्थ को फिर पार्टी से बाहर कर दिया गया और अब दामाद आकाश के भी पर कतर दिए गए हैं।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)