Rajya Sabha में Kharge vs Rijiju: 'मुझे नियम न सिखाएं', नेता प्रतिपक्ष का पलटवार, पवन खेड़ा के बचाव में उतरे
राज्यसभा में गुरुवार को मल्लिकार्जुन खरगे और किरेन रिजिजू आमने-सामने। खरगे ने कहा- 'नियम मैं भी जानता हूं'। कांग्रेस अध्यक्ष ने पवन खेड़ा का बचाव किया और गृह मंत्री से सदन में बयान की मांग की। सदन में हंगामा और तीखी नोकझोंक।
नई दिल्ली: राज्यसभा में गुरुवार को नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के बीच तीखी बहस हुई। हंगामे के बीच खरगे ने रिजिजू की टिप्पणी पर कड़ा जवाब दिया।
क्या अब आपसे नियम सीखूं?
खरगे ने कहा- क्या अब मुझे रिजिजू से नियम सीखना पड़ेगा? नियम मैं भी जानता हूं। आप लोग भी सभापति के कक्ष में जाकर नियमों का हवाला देते हैं। अगर मैं अपना विषय पढ़कर नहीं बोलूंगा तो क्या बोलूंगा? यह मेरा अधिकार है कि मैं क्या बोलूं, कब बोलूं और कैसे बोलूं।
पवन खेड़ा के बचाव में उतरे खरगे
रिजिजू ने नवनिर्वाचित सांसद पवन खेड़ा पर टिप्पणी की थी। इस पर खरगे ने पलटवार करते हुए कहा कि खेड़ा पढ़े-लिखे और अच्छे व्यक्ति हैं। उनके बारे में इस तरह की बात करना ठीक नहीं। खरगे ने अरुण जेटली का हवाला देते हुए कहा कि लोकतंत्र में व्यवधान भी कभी-कभी लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा होता है।
गृह मंत्री से मांगा बयान
खरगे ने सरकार से मांग की कि गृह मंत्री सदन में आकर बयान दें। उन्होंने कहा- "हम चाहते हैं संबंधित मंत्री बयान दें, उसके बाद हम चर्चा के लिए तैयार हैं।"
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष के मुद्दों का जवाब देने के बजाय उनसे बच रही है।
नियमों का हवाला
खरगे ने राज्यसभा के नियमों का जिक्र करते हुए कहा कि किसी सदस्य के खिलाफ मानहानिकारक आरोप तब तक नहीं लगाए जा सकते जब तक उसे पहले सूचना न दी गई हो।
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