भारत की अहमियत मान रहा पाकिस्तान: मंत्री अहसान इकबाल बोले- भारत दक्षिण एशिया के केंद्र में, पानी को हथियार बना सकता है
पाकिस्तान के प्लानिंग मिनिस्टर अहसान इकबाल ने भारत की कूटनीतिक अहमियत स्वीकार की। कहा- भारत दक्षिण एशिया के बिल्कुल केंद्र में है, उसकी भूमिका अहम है। साथ ही सिंधु जल समझौता रोकने पर चेतावनी दी- भारत पानी को हथियार की तरह इस्तेमाल कर सकता है। जब फसल को जरूरत हो तब रोके, जरूरत न हो तब छोड़े। पीएम शहबाज शरीफ भी बोले थे- पानी की हर बूंद रेड लाइन है।
इस्लामाबाद: पाकिस्तान अब भारत की कूटनीतिक ताकत का मुरीद होता दिख रहा है। पाकिस्तान के प्लानिंग मिनिस्टर अहसान इकबाल ने शनिवार को एशिया सोसाइटी के कार्यक्रम में बड़ा बयान दिया।
इकबाल ने कहा – भारत दक्षिण एशिया के बिल्कुल केंद्र में स्थित है। बाकी सभी देश इसके आसपास हैं। ऐसे में साउथ एशिया के लिए भारत की भूमिका बेहद अहम है।” इस बयान से साफ है कि इस्लामाबाद का रुख अब नरम पड़ रहा है।
इकबाल की चेतावनी – भारत पानी को हथियार बना सकता है
साथ ही उन्होंने भारत के सिंधु जल समझौते को रोके रखने के फैसले पर चिंता जताई।
आधुनिक इतिहास में पहली बार पानी को हथियार बनाया जा रहा है। डर है कि भारत पानी का इस्तेमाल हथियार के तौर पर कर सकता है। जब फसलों को पानी चाहिए तब सप्लाई रोक दे, जब जरूरत न हो तब पानी छोड़ दे। ये इंटरनेशनल एग्रीमेंट है, इसे बदला नहीं जा सकता। भारत ने एकतरफा रोककर नई चुनौती खड़ी कर दी है।
इकबाल ने कहा कि इसलिए पाकिस्तान जो बांध बना रहा है, वो बफर के तौर पर काम करेंगे। फिलहाल हम सभी कूटनीतिक रास्तों पर काम कर रहे हैं।
शहबाज शरीफ पहले ही दे चुके हैं चेतावनी
इससे पहले PM शहबाज शरीफ ने AP News से कहा था –पानी की हर एक बूंद हमारी रेड लाइन है। अगर भारत पानी रोकता है तो पाकिस्तान सीधा जवाब देगा। पाकिस्तान शांति चाहता है, युद्ध नहीं, लेकिन शांति की इच्छा को कमजोरी न समझा जाए। संप्रभुता पर खतरे का कड़ा जवाब मिलेगा।
गौरतलब है कि मई 2025 में पहलगाम हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई की थी, तभी से सिंधु जल समझौता सस्पेंड है और दोनों देशों के बीच जल कूटनीति नया मोर्चा बन गई है।
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