पेपर लीक पर लगाम के लिए PM मोदी का बड़ा दांव, नंदन नीलेकणि की अगुवाई में बनी 6 सदस्यीय NTA सुधार कमेटी...
NEET पेपर लीक और विरोध के बाद केंद्र सरकार ने NTA में बड़े सुधार का ऐलान किया है। PM नरेंद्र मोदी ने इंफोसिस के को-फाउंडर नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में 6 सदस्यीय हाई-पॉवर्ड टास्क फोर्स बनाई है। इस पैनल में ISRO के पूर्व प्रमुख एस. सोमनाथ, IB चीफ रह चुके तपन डेका, IIT मद्रास के डायरेक्टर वी. कामाकोटी, पूर्व शिक्षा सचिव अनीता करवाल और सीनियर IAS अमृत लाल मीणा शामिल हैं। टास्क फोर्स का काम एग्जाम सिस्टम को टेक्नोलॉजी बेस्ड, सुरक्षित और पारदर्शी बनाना है।
नई दिल्ली: छात्रों का भरोसा वापस लाने के लिए केंद्र सरकार ने NTA को पूरी तरह बदलने की तैयारी कर ली है। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद PM नरेंद्र मोदी ने परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए एक हाई-पॉवर्ड टास्क फोर्स गठित की है।
कौन संभालेगा कमान?
इस 6 सदस्यीय पैनल की कमान इंफोसिस के को-फाउंडर नंदन नीलेकणि को सौंपी गई है। नीलेकणि आधार और UPI जैसे डिजिटल सिस्टम के निर्माता माने जाते हैं।
PM मोदी ने कहा कि परीक्षा प्रणाली को भरोसेमंद, पारदर्शी और टेक्नोलॉजी आधारित बनाने के लिए ये कदम उठाया गया है। उन्होंने ये भी कहा कि पेपर लीक करने वाले पहले ही जेल में हैं और ऐसे मामलों के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट भी बनाए गए हैं।
PM मोदी की 'स्पेशल 6' टीम में कौन-कौन?
1. नंदन नीलेकणि - अध्यक्ष
इंफोसिस के पूर्व CEO, आधार और DPI के जनक,
काम: सुरक्षित और बड़े स्तर का डिजिटल एग्जाम सिस्टम बनाना।
2. डॉ. एस. सोमनाथ - पूर्व ISRO प्रमुख
चंद्रयान-3 और आदित्य-L1 के पीछे की ताकत,
काम: एग्जाम इंफ्रास्ट्रक्चर में तकनीकी और मानवीय गड़बड़ियों को खत्म करना।
3. तपन डेका - पूर्व IB डायरेक्टर
1988 बैच के IPS
काम: नकल माफिया और सुरक्षा खतरों से निपटने के लिए इंटेलिजेंस सिस्टम तैयार करना।
4. प्रो. वी. कामाकोटी - IIT मद्रास के डायरेक्टर
AI और साइबर सिक्योरिटी के एक्सपर्ट,
काम: असेसमेंट डिजाइन, पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाना।
5. अनीता करवाल - पूर्व केंद्रीय शिक्षा सचिव
NEP 2020 लागू करने में अहम भूमिका।
काम: परीक्षा गवर्नेंस और संस्थागत प्रक्रियाओं को मजबूत करना।
6. अमृत लाल मीणा - सीनियर IAS
1989 बैच, बिहार कैडर।
काम: पूरे देश में परीक्षा के संचालन, लॉजिस्टिक्स और तालमेल को बेहतर बनाना।
टास्क फोर्स का एजेंडा क्या है?
इस पैनल को निम्न क्षेत्रों में सुधार सुझाने हैं:
टेक्नोलॉजी बेस्ड एग्जाम
NTA के अंदर संरचनात्मक बदलाव
पेपर लीक रोकने के लिए मजबूत सुरक्षा सिस्टम
बेहतर गवर्नेंस और पारदर्शिता
डिजिटल तकनीक का ज्यादा इस्तेमाल
सरकार का कहना है कि पैनल की सिफारिशें जल्द से जल्द लागू की जाएंगी ताकि भविष्य में होने वाली राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाएं पूरी तरह निष्पक्ष और सुरक्षित हों।
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