प्रह्लाद जोशी बने नए शिक्षा मंत्री, NEET विवाद के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा

NEET पेपर लीक विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया। राष्ट्रपति ने उनका इस्तीफा तुरंत स्वीकार कर लिया। कुछ ही घंटों में केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया। जोशी अभी खाद्य, उपभोक्ता मामले और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री हैं। ये नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब NTA का पुनर्गठन और पेपर लीक रोकने के लिए नए नियम लागू किए जा रहे हैं। जोशी कर्नाटक के धारवाड़ से 5 बार सांसद रह चुके हैं और RSS पृष्ठभूमि से आते हैं।

Jul 26, 2026 - 19:12
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प्रह्लाद जोशी बने नए शिक्षा मंत्री, NEET विवाद के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा

नई दिल्ली: NEET-UG पेपर लीक विवाद के बाद केंद्र सरकार में बड़ा फेरबदल हुआ है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पद से इस्तीफा दे दिया, जिसे राष्ट्रपति ने तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया।

राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी बयान में कहा गया कि संविधान के अनुच्छेद 75(2) के तहत PM की सलाह पर प्रधान का इस्तीफा मंजूर किया गया है। इस्तीफे के कुछ घंटों बाद ही केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया।

कौन हैं प्रह्लाद जोशी  
प्रह्लाद जोशी कर्नाटक के धारवाड़ से 5 बार लोकसभा सांसद चुने गए हैं। उनका जन्म 27 नवंबर 1962 को विजयपुरा में हुआ। 

वर्तमान में वे खाद्य, उपभोक्ता मामले और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री हैं। इससे पहले वे कोयला, खान और संसदीय कार्य मंत्री भी रह चुके हैं। 

शिक्षा
हुबली के न्यू इंग्लिश स्कूल और कर्नाटक यूनिवर्सिटी से BA। कॉलेज के समय से ही RSS से जुड़े और सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहे। 1992-94 में हुबली में तिरंगा आंदोलन का नेतृत्व भी किया।एक उद्योग चलाने के साथ राजनीति में आए। 1998 में बीजेपी धारवाड़ जिला अध्यक्ष बने और 2004 में पहली बार सांसद चुने गए। 2014-2016 तक कर्नाटक बीजेपी अध्यक्ष भी रहे।

क्यों हुआ इस्तीफा  
धर्मेंद्र प्रधान ने अपने इस्तीफे में कहा कि वे चार दशक से शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहे हैं और "देश-विरोधी ताकतों" को माहौल का फायदा उठाने से रोकने के लिए उन्होंने पद छोड़ा है। NEET पेपर लीक को लेकर जंतर मंतर और कई राज्यों में 35 दिनों से विरोध प्रदर्शन चल रहे थे। इस्तीफे के बाद CJP ने भी केंद्र से आश्वासन मिलने के बाद आंदोलन खत्म करने की घोषणा की। प्रह्लाद जोशी के सामने अब सबसे बड़ी जिम्मेदारी NTA का पुनर्गठन, पेपर लीक रोकने के कड़े कानून और 2027 से NEET को कंप्यूटर-बेस्ड बनाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना होगी।

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