SIR पर बवाल जारी! राहुल गांधी के CEC को इस्तीफा दो वाले बयान पर भड़की BJP, रिजिजू बोले- समाज में गलत संदेश जाएगा
देश में चल रही SIR प्रक्रिया के बीच चुनाव आयोग में मतभेद की खबरों पर सियासी घमासान तेज हो गया। राहुल गांधी ने CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की, जिस पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और गिरिराज सिंह ने पलटवार किया है। वहीं ओवैसी ने SIR को बैकडोर NRC बता दिया।
नई दिल्ली। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर देश की सियासत में भूचाल आ गया है। चुनाव आयोग के अंदर सब कुछ ठीक नहीं होने की खबरों के बाद विपक्ष हमलावर है और सत्ता पक्ष बचाव में।
राहुल गांधी ने CEC से मांगा इस्तीफा
कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने CEC ज्ञानेश कुमार पर बड़ा हमला बोला। राहुल ने कहा, "मैं तीन साल से वोट चोरी का पर्दाफाश कर रहा हूं। अब चुनाव आयुक्त खुद इसे स्वीकार कर रहे हैं। ज्ञानेश कुमार ने देशद्रोह किया है, वो अभी इस्तीफा दें और अप्रूवर बन जाएं।"
रिजिजू और गिरिराज का पलटवार
राहुल के बयान पर केंद्र सरकार ने करारा जवाब दिया।
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, "राहुल गांधी की बातों को सार्वजनिक मंच पर बढ़ा-चढ़ाकर पेश करना ठीक नहीं है, इससे समाज में गलत संदेश जाएगा। राहुल को समाज में ज्यादा इस बारे में बात नहीं फैलाना चाहिए।"
वहीं केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने तो राहुल को जमकर सुनाया। उन्होंने कहा, "केरल और हिमाचल में जीतते हैं तो सब ठीक है, हारते हैं तो ECI और EVM पर ठीकरा फोड़ते हैं। वोट चोरी तो राहुल और सोनिया गांधी ने की है। सोनिया गांधी को जेल भेजा जाना चाहिए, उन्होंने बिना नागरिकता के भारत में वोट दिया।"
ओवैसी ने बताया बैकडोर NRC
AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने भी SIR पर सवाल उठाते हुए इसे 'बैकडोर NRC' बता दिया। ओवैसी ने कहा कि उनकी पार्टी शुरू से कह रही है कि ये NRC लागू करने की तैयारी है।
ओवैसी ने दावा किया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने 10 महीने में 14 बार फैसलों पर असहमति जताई थी। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर 14 बार असहमति हुई तो फिर सर्वसम्मत फैसला कैसे हुआ? आयोग संवैधानिक संस्था है तो कैबिनेट सचिव को पत्र क्यों लिखा?
ओवैसी ने कहा कि उनके क्षेत्र में लोग कह रहे हैं 'हम तो जिंदा हैं, फिर नाम क्यों गायब?' और फॉर्म-6 में घोषणा की अनिवार्यता पर भी सवाल उठाया।
चुनाव आयोग की सफाई
वहीं विवादों के बीच चुनाव आयोग ने सफाई दी है कि SIR से जुड़े सभी फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं। मंत्रिमंडलीय सचिव को भेजा गया पत्र किसी नीतिगत मामले से नहीं, बल्कि प्रतिनियुक्ति पर तैनात अधिकारी के कामकाज से जुड़ा था।
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