कर्नाटक में 150 साल का सबसे बड़ा सूखा, खरगे ने PM मोदी से मांगे 3705 करोड़, कहा- राजनीति मत करिए

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने PM मोदी को पत्र लिखकर कर्नाटक के लिए 3,705.30 करोड़ की तत्काल सहायता मांगी है। खरगे ने कहा कि राज्य 150 साल के सबसे भयावह सूखे की चपेट में है, 58% कम बारिश हुई है, 31 लाख किसान परिवार प्रभावित हैं। उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह को भी पत्र लिखा है।

Oct 03, 2026 - 12:00
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कर्नाटक में 150 साल का सबसे बड़ा सूखा, खरगे ने PM मोदी से मांगे 3705 करोड़, कहा- राजनीति मत करिए

नई दिल्ली। कर्नाटक में सूखे की गंभीर स्थिति को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से खास अपील की है। उन्होंने 1 अक्टूबर को लिखे पत्र को शनिवार को X पर साझा करते हुए 3,705.30 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता तत्काल जारी करने की मांग की है। खरगे ने कहा कि उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह को भी ऐसा ही पत्र लिखा है।

217 तालुकों में कम बारिश, 101 सूखाग्रस्त घोषित

खरगे ने पत्र में लिखा कि कर्नाटक 150 साल के सबसे भयावह सूखे से जूझ रहा है। तीन साल में दूसरी बार इतना गंभीर सूखा पड़ा है। इस साल सितंबर तक राज्य में सामान्य से 58% कम बारिश हुई है और सभी 31 जिले प्रभावित हैं।

240 में से 217 तालुकों में कम बारिश दर्ज हुई है, 101 को सूखाग्रस्त घोषित किया गया है और 116 का आकलन जारी है।

40 हजार करोड़ का नुकसान, 31 लाख किसान प्रभावित

खरगे के मुताबिक, 19.52 लाख हेक्टेयर में फसल बर्बाद हुई है जिसकी कीमत 18,748 करोड़ है। कुल नुकसान 40,000 करोड़ आंका गया है। 31 लाख किसान परिवारों की आजीविका पर असर पड़ा है। 709 गांवों और 114 शहरी वार्डों में टैंकर से पानी पहुंचाया जा रहा है।

खरगे की PM से 6 बड़ी मांगें

1. कल्याण कर्नाटक में नुकसान के आकलन के लिए केंद्रीय टीम भेजी जाए।
2. 3,705.30 करोड़ की पूरी सहायता तुरंत जारी हो।
3. छोटे किसानों के लिए रियायत की गणना 2015-16 के पुराने आंकड़ों से नहीं, बल्कि कर्नाटक के अपडेटेड 'भूमि' रिकॉर्ड से हो।
4. आकलन वाले 116 तालुकों समेत भविष्य में सूखाग्रस्त घोषित होने वाले सभी तालुकों को सहायता में शामिल किया जाए।
5. कावेरी और जलविद्युत जलाशयों में कम पानी के चलते पेयजल और बिजली के लिए अतिरिक्त मदद दी जाए।

खरगे ने कहा, "सूखा राहत मानवीय जरूरत है, इसे राजनीतिक चश्मे से न देखा जाए। सहायता राजनीति से ऊपर उठकर, जरूरत के आधार पर तुरंत दी जाए।"

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Kajal Tiwari

लेखक के बारे में, काजल तिवारी एक समर्पित पत्रकार और मीडिया प्रोफेशनल है, जिन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में वर्ष 2019 से अपने करियर की शुरुआत की। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में स्नातक एवं स्नातकोत्तर की शिक्षा प्राप्त की है। पिछले लगभग 6–7 वर्षों के अपने पत्रकारिता अनुभव में मुझे पटना के कई प्रमुख मीडिया संस्थानों के साथ काम करने का अवसर मिला है। इस दौरान पत्रकारिता के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय रूप से काम किया, जिसमें न्यूज़ रिपोर्टिंग, ग्राउंड रिपोर्टिंग, राजनीतिक एवं सामाजिक मुद्दों की कवरेज, इंटरव्यू, कंटेंट राइटिंग और वॉयसओवर शामिल हैं। पत्रकारिता मेरे लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को लोगों तक जिम्मेदारी और ईमानदारी के साथ पहुँचाने का माध्यम है। मेरा प्रयास हमेशा तथ्यों पर आधारित, स्पष्ट और प्रभावी पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों और दर्शकों तक सही जानकारी पहुँचाना रहा है।

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