अभिजीत दिपके का दिल्ली पुलिस पर बड़ा आरोप - "हिरासत में बुनियादी अधिकार छीने, पूरा Video जारी करो, Edited क्लिप दिखा रहे हो"

CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने दिल्ली पुलिस पर हिरासत के दौरान अधिकारों से वंचित करने का आरोप लगाया। कहा - बार-बार कजिन से बात करने, 2 मिनट फोन इस्तेमाल करने और वकील से संपर्क की मांग की, पर अनुमति नहीं मिली। पुलिस ने एडिट वीडियो जारी किया, पूरा CCTV/बॉडीकैम फुटेज जारी करे तो सच सामने आएगा। माता-पिता को थाने की जानकारी तक नहीं दी, परिवार दादी के निधन के गम में था, उस दौरान मानसिक प्रताड़ना हुई। महिला पुलिसकर्मियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए। दिल्ली पुलिस का आधिकारिक पक्ष आना बाकी।

Oct 12, 2026 - 14:27
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अभिजीत दिपके का दिल्ली पुलिस पर बड़ा आरोप - "हिरासत में बुनियादी अधिकार छीने, पूरा Video जारी करो, Edited क्लिप दिखा रहे हो"

नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने दिल्ली पुलिस की हिरासत को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि उन्हें हिरासत के दौरान उनके बुनियादी और कानूनी अधिकारों से वंचित किया गया।

पत्रकारों से बात करते हुए अभिजीत ने दिल्ली पुलिस से पूरी घटना का बिना एडिट किया हुआ पूरा वीडियो सार्वजनिक करने की मांग की।

"2 मिनट फोन और वकील से बात तक नहीं करने दी"

अभिजीत दिपके ने कहा,
"अगर दिल्ली पुलिस को अपने कदमों पर भरोसा है तो पूरा वीडियो जारी करे। मैंने बार-बार अपने चचेरे भाई से बात करने, दो मिनट के लिए अपना फोन इस्तेमाल करने और अपने वकील से संपर्क करने की गुजारिश की थी। आप पूरा वीडियो क्यों नहीं जारी कर रहे? आप एडिट वीडियो दिखा रहे हैं।"

उनका दावा है कि पूरा वीडियो सामने आने से स्पष्ट होगा कि उन्हें कैसे उनके अधिकारों से वंचित किया गया।

"माता-पिता को नहीं बताया कहां रखा है"

अभिजीत ने दूसरा बड़ा आरोप लगाया कि हिरासत के बाद पुलिस ने उनके माता-पिता और वकीलों को यह जानकारी तक नहीं दी कि उन्हें किस थाने में रखा गया है।

उन्होंने बताया कि पुलिस सुबह करीब 3:30 बजे गिरफ्तारी के कागजात लेकर पहुंची, उस समय उनका परिवार उनकी दादी के निधन के दुख से गुजर रहा था।

"पुलिस बार-बार कह रही थी माता-पिता को फोन करो, लेकिन मेरे माता-पिता को ही नहीं बताया कि मुझे कहां रखा है। ऐसी स्थिति में क्या मैं उन्हें फोन करके बताता कि मुझे गिरफ्तार किया जा रहा है और लंबे समय जेल में रहना पड़ सकता है? ये मेरे और मेरे परिवार की मानसिक प्रताड़ना थी।"

महिला पुलिस अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल

CJP फाउंडर ने कार्रवाई में महिला पुलिस अधिकारियों को आगे किए जाने पर भी सवाल उठाया। उन्होंने आशंका जताई कि पुरुष अधिकारियों पर छेड़छाड़ के आरोपों से बचने के लिए महिला अधिकारियों को सामने लाया गया हो।

उन्होंने कहा, "हम सभ्य और शिक्षित लोग हैं, महिलाओं का सम्मान करना जानते हैं। पुलिस को स्पष्ट करना चाहिए कि महिला अधिकारियों को सामने लाने की जरूरत क्यों पड़ी?"

फिलहाल इन आरोपों को लेकर दिल्ली पुलिस का आधिकारिक बयान सामने आना बाकी है।

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Kajal Tiwari

लेखक के बारे में, काजल तिवारी एक समर्पित पत्रकार और मीडिया प्रोफेशनल है, जिन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में वर्ष 2019 से अपने करियर की शुरुआत की। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में स्नातक एवं स्नातकोत्तर की शिक्षा प्राप्त की है। पिछले लगभग 6–7 वर्षों के अपने पत्रकारिता अनुभव में मुझे पटना के कई प्रमुख मीडिया संस्थानों के साथ काम करने का अवसर मिला है। इस दौरान पत्रकारिता के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय रूप से काम किया, जिसमें न्यूज़ रिपोर्टिंग, ग्राउंड रिपोर्टिंग, राजनीतिक एवं सामाजिक मुद्दों की कवरेज, इंटरव्यू, कंटेंट राइटिंग और वॉयसओवर शामिल हैं। पत्रकारिता मेरे लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को लोगों तक जिम्मेदारी और ईमानदारी के साथ पहुँचाने का माध्यम है। मेरा प्रयास हमेशा तथ्यों पर आधारित, स्पष्ट और प्रभावी पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों और दर्शकों तक सही जानकारी पहुँचाना रहा है।

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