53 साल बाद सोन नदी विवाद खत्म, बिहार-झारखंड में पानी बंटवारे पर सहमति, अमित शाह की बैठक में लगी मुहर, बिहार को 5.57 MAF मिलेगा

सोन नदी जल बंटवारे पर बिहार-झारखंड में 25 साल से चला विवाद खत्म, दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में बैठक में सहमति। 7.75 मिलियन एकड़ फीट में से बिहार को 5.57 MAF और झारखंड को 2 MAF पानी मिलेगा। 1973 के बाणसागर समझौते में पूरा पानी संयुक्त बिहार को मिला था, 2000 में झारखंड अलग होने के बाद विवाद शुरू हुआ था, उद्गम और कैचमेंट का हवाला देकर झारखंड ने हिस्सा मांगा, इंद्रपुरी जलाशय परियोजना 53 साल से लटकी थी।

Aug 31, 2026 - 17:10
0 2
53 साल बाद सोन नदी विवाद खत्म, बिहार-झारखंड में पानी बंटवारे पर सहमति, अमित शाह की बैठक में लगी मुहर, बिहार को 5.57 MAF मिलेगा

नई दिल्ली/पटना: बिहार और झारखंड के बीच सोन नदी के जल बंटवारे पर आखिरकार सहमति बन गई है। 53 साल से लटका विवाद अब खत्म हो गया।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में दिल्ली में हुई बैठक में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के बीच समझौता हुआ।

समझौते के तहत 7.75 मिलियन एकड़ फीट (MAF) पानी में से बिहार को 5.57 MAF और झारखंड को 2 MAF पानी मिलेगा।

विवाद की जड़ 1973 से

कहानी 1973 से शुरू होती है, जब बाणसागर परियोजना के तहत मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और अविभाजित बिहार में समझौता हुआ। तब संयुक्त बिहार को 7.75 MAF पानी आवंटित हुआ था। तब झारखंड बिहार का ही हिस्सा था, इसलिए पूरा हिस्सा बिहार के नाम था।

2000 में बंटवारे के बाद शुरू हुआ झगड़ा

2000 में झारखंड अलग राज्य बना, तो उसने हिस्सेदारी मांगी। झारखंड का तर्क था – सोन नदी का उद्गम और बड़ा कैचमेंट हमारे क्षेत्र में है, इसलिए हमें भी पानी मिलना चाहिए।

बिहार 1973 के समझौते का हवाला देकर पूरा पानी अपने पास रखना चाहता था। इसी खींचतान में झारखंड ने इंद्रपुरी जलाशय परियोजना को NOC नहीं दिया और बिहार की यह महत्वाकांक्षी परियोजना 53 साल तक लटकी रही।

अब सहमति के बाद इंद्रपुरी परियोजना के शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0
Kajal Tiwari

लेखक के बारे में, काजल तिवारी एक समर्पित पत्रकार और मीडिया प्रोफेशनल है, जिन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में वर्ष 2019 से अपने करियर की शुरुआत की। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में स्नातक एवं स्नातकोत्तर की शिक्षा प्राप्त की है। पिछले लगभग 6–7 वर्षों के अपने पत्रकारिता अनुभव में मुझे पटना के कई प्रमुख मीडिया संस्थानों के साथ काम करने का अवसर मिला है। इस दौरान मैंने पत्रकारिता के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय रूप से काम किया, जिसमें न्यूज़ रिपोर्टिंग, ग्राउंड रिपोर्टिंग, राजनीतिक एवं सामाजिक मुद्दों की कवरेज, इंटरव्यू, कंटेंट राइटिंग और वॉयसओवर शामिल हैं। पत्रकारिता मेरे लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को लोगों तक जिम्मेदारी और ईमानदारी के साथ पहुँचाने का माध्यम है। मेरा प्रयास हमेशा तथ्यों पर आधारित, स्पष्ट और प्रभावी पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों और दर्शकों तक सही जानकारी पहुँचाना रहा है।

Comments (0)

User