ट्रंप प्रशासन की सख्ती - भारतीय माता-पिता का US स्टे 5 महीने से घटाकर 2 महीने किया, बच्चे के जन्म के लिए आए थे अमेरिका

ट्रंप प्रशासन के इमिग्रेशन अभियान का असर भारतीयों पर दिख रहा है। एक NRI ने बताया कि उसके पिता 5 महीने के लिए हैदराबाद से मियामी आए थे, लेकिन इमिग्रेशन अधिकारी ने पूछताछ के बाद स्टे घटाकर 2 महीने कर दिया और लिखा कि कोई एक्सटेंशन नहीं मिलेगा। पिता ने कहा था कि वे बच्चे के जन्म के लिए आए हैं। सोशल मीडिया पर यूजर्स ने कहा कि बेबीसिटिंग को USCIS अमेरिकी वर्कर की नौकरी छीनना मानता है।

Sep 09, 2026 - 18:14
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ट्रंप प्रशासन की सख्ती - भारतीय माता-पिता का US स्टे 5 महीने से घटाकर 2 महीने किया, बच्चे के जन्म के लिए आए थे अमेरिका

अमेरिका में ट्रंप प्रशासन की सख्त इमिग्रेशन पॉलिसी का असर भारतीय प्रोफेशनल्स पर सबसे ज्यादा पड़ रहा है। एक NRI ने अपनी आपबीती शेयर की है।

NRI ने बताया कि उसके माता-पिता कतर एयरवेज से हैदराबाद से मियामी पहुंचे थे। उनके पास 11 फरवरी यानी 5 महीने बाद की वापसी टिकट थी। वह अपने बच्चे के जन्म के समय माता-पिता को साथ रखना चाहता था।

लेकिन एंट्री पॉइंट पर पहले अधिकारी ने उन्हें सेकेंडरी इंस्पेक्शन के लिए भेज दिया। वहां अधिकारी ने पिता से पूछा कि जब आप भारत में नौकरी करते हैं तो 5 महीने रुकने की जरूरत क्यों है?

इसके बाद अधिकारी ने सिर्फ 2 महीने रहने की इजाजत दी और पासपोर्ट पर लिख दिया कि स्टेटस में कोई बदलाव या एक्सटेंशन नहीं मिलेगा, 5 नवंबर तक वापस जाना होगा। NRI ने लोगों से कानूनी सलाह मांगी है कि क्या स्टे बढ़ सकता है।

यूजर्स ने कहा कि एक बार अधिकारी ने लिख दिया तो एक्सटेंशन मुश्किल है। ज्यादा रुकना वीजा उल्लंघन होगा और अगली बार एंट्री बैन हो सकती है।

एक यूजर ने वजह बताई कि इमिग्रेशन में यह कहना कि बच्चे की देखभाल के लिए आए हैं, रेड फ्लैग है। USCIS इसे ऐसा काम मानता है जो अमेरिकी वर्कर से छीना जा रहा है। साथ ही पहली बार में ही 5 महीने का स्टे मांगना भी बहुत ज्यादा है।

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Kajal Tiwari

लेखक के बारे में, काजल तिवारी एक समर्पित पत्रकार और मीडिया प्रोफेशनल है, जिन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में वर्ष 2019 से अपने करियर की शुरुआत की। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में स्नातक एवं स्नातकोत्तर की शिक्षा प्राप्त की है। पिछले लगभग 6–7 वर्षों के अपने पत्रकारिता अनुभव में मुझे पटना के कई प्रमुख मीडिया संस्थानों के साथ काम करने का अवसर मिला है। इस दौरान मैंने पत्रकारिता के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय रूप से काम किया, जिसमें न्यूज़ रिपोर्टिंग, ग्राउंड रिपोर्टिंग, राजनीतिक एवं सामाजिक मुद्दों की कवरेज, इंटरव्यू, कंटेंट राइटिंग और वॉयसओवर शामिल हैं। पत्रकारिता मेरे लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को लोगों तक जिम्मेदारी और ईमानदारी के साथ पहुँचाने का माध्यम है। मेरा प्रयास हमेशा तथ्यों पर आधारित, स्पष्ट और प्रभावी पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों और दर्शकों तक सही जानकारी पहुँचाना रहा है।

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