CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे पर दिल्ली से मणिपुर तक संग्राम, यूथ कांग्रेस का जोरदार हल्ला-बोल, कई हिरासत में

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में इंडियन यूथ कांग्रेस का प्रदर्शन तेज हो गया। रायसीना रोड से जंतर-मंतर तक मार्च के बाद कई कार्यकर्ता हिरासत में लिए गए। पटना, चंडीगढ़, मणिपुर से लेकर जम्मू-कश्मीर तक कांग्रेस ने देशभर में प्रदर्शन किया।

Sep 25, 2026 - 17:58
Updated: 1 month ago
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CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे पर दिल्ली से मणिपुर तक संग्राम, यूथ कांग्रेस का जोरदार हल्ला-बोल, कई हिरासत में

नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग अब दिल्ली से निकलकर पूरे देश में फैल गई है। शुक्रवार को दिल्ली में इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) ने बड़ा प्रदर्शन किया।

IYC कार्यकर्ताओं ने रायसीना रोड से जंतर-मंतर तक जोरदार मार्च निकाला। जंतर-मंतर पहुंचते ही पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।

1.4 अरब लोगों के वोट पर चोट - उदय भानु चिब

इंडियन यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष उदय भानु चिब ने कहा, "ज्ञानेश कुमार ने देश के 1.4 अरब लोगों के मतदान के अधिकार को नुकसान पहुंचाया है। ये लड़ाई सिर्फ कांग्रेस की नहीं, बल्कि देश के हर नागरिक की है। जब तक हमारी मांग पूरी नहीं होती, ये आंदोलन जारी रहेगा।"

ये प्रदर्शन चुनाव आयोग के कामकाज और वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कांग्रेस के राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम का हिस्सा है।

पटना से चंडीगढ़ तक वाटर कैनन, मणिपुर में आंसू गैस

इस मुद्दे पर देश के कई राज्यों में कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है।

पटना और चंडीगढ़ में वाटर कैनन: बिहार की राजधानी पटना और पंजाब के चंडीगढ़ में पुलिस को प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए वाटर कैनन चलानी पड़ी। चंडीगढ़ में तो कुछ प्रदर्शनकारी पुलिस की गाड़ियों पर ही चढ़ गए।

मणिपुर में झड़प: मणिपुर में हालात ज्यादा बिगड़ गए। यहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने CEC की गिरफ्तारी और मुकदमा चलाने की मांग करते हुए पुतला फूंका। मुख्य निर्वाचन अधिकारी के दफ्तर की ओर मार्च के दौरान पुलिस से झड़प हो गई, जिसके बाद पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े।

शिमला में बोर्ड काला: जम्मू-कश्मीर, असम, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और हिमाचल में भी जोरदार प्रदर्शन हुआ। शिमला में राज्य निर्वाचन आयोग के बाहर लगे बोर्ड को ही काला कर दिया गया। देहरादून में सचिवालय स्थित चुनाव कार्यालय की ओर मार्च किया गया। जम्मू में चुनाव आयोग के बाहर भारी पुलिस तैनात रही, तो श्रीनगर में कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा के भीतर ही बैनर लेकर इस्तीफे की मांग की। लखनऊ, गुवाहाटी और कोलकाता में भी प्रदर्शन हुए।

SIR को लेकर क्या है विवाद?

इस पूरे बवाल की जड़ वोटर लिस्ट का SIR है। कांग्रेस ने चुनाव आयोग की कार्यशैली और SIR प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

हालांकि चुनाव आयोग ने दो चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों को खारिज कर दिया है। आयोग का कहना है कि SIR से जुड़े सभी अंतिम फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं और अंदरूनी सवाल-जवाब किसी भी संवैधानिक संस्था के सामान्य कामकाज का हिस्सा हैं।

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Kajal Tiwari

लेखक के बारे में, काजल तिवारी एक समर्पित पत्रकार और मीडिया प्रोफेशनल है, जिन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में वर्ष 2019 से अपने करियर की शुरुआत की। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में स्नातक एवं स्नातकोत्तर की शिक्षा प्राप्त की है। पिछले लगभग 6–7 वर्षों के अपने पत्रकारिता अनुभव में मुझे पटना के कई प्रमुख मीडिया संस्थानों के साथ काम करने का अवसर मिला है। इस दौरान पत्रकारिता के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय रूप से काम किया, जिसमें न्यूज़ रिपोर्टिंग, ग्राउंड रिपोर्टिंग, राजनीतिक एवं सामाजिक मुद्दों की कवरेज, इंटरव्यू, कंटेंट राइटिंग और वॉयसओवर शामिल हैं। पत्रकारिता मेरे लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को लोगों तक जिम्मेदारी और ईमानदारी के साथ पहुँचाने का माध्यम है। मेरा प्रयास हमेशा तथ्यों पर आधारित, स्पष्ट और प्रभावी पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों और दर्शकों तक सही जानकारी पहुँचाना रहा है।

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