बिहार छात्र आंदोलन: सुप्रीम कोर्ट में सरकार का जवाब- 'पुलिस ने अनुचित बल नहीं लगाया', सीवान फायरिंग पर क्या कहा?

बिहार सरकार ने SC में हलफनामा दाखिल कर छात्र प्रदर्शन में पुलिस बर्बरता के आरोप खारिज किए। कहा- कानून व्यवस्था के लिए जरूरी कदम उठाए। सीवान में कांस्टेबल ने भीड़ में फंसकर हवा में 4 राउंड फायर किए। 22-25 जुलाई के बीच 69 FIR, 500 गिरफ्तारी। 222 छात्रों को जमानत, 75 किशोर रिहा।

Aug 18, 2026 - 18:58
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बिहार छात्र आंदोलन: सुप्रीम कोर्ट में सरकार का जवाब- 'पुलिस ने अनुचित बल नहीं लगाया', सीवान फायरिंग पर क्या कहा?

पटना: बिहार में छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर दायर जनहित याचिकाओं पर राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में जवाब दाखिल किया है। सरकार ने पुलिस पर 'अनुचित बल' के इस्तेमाल के आरोपों को खारिज किया है।

सरकार ने क्या कहा हलफनामे में?  
बिहार सरकार ने कोर्ट को बताया कि 22 से 25 जुलाई 2026 के बीच कानून-व्यवस्था बिगड़ने पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आवश्यक कदम उठाने पड़े। इस दौरान आंसू गैस और वाटर कैनन का इस्तेमाल भी किया गया।

सीवान AK-47 फायरिंग मामला  
सीवान में पुलिसकर्मी द्वारा AK-47 से फायरिंग के मामले पर सरकार ने सफाई दी। हलफनामे में कहा गया कि भीड़ में फंस जाने के बाद एक कांस्टेबल ने हवा में 4 गोलियां चलाईं। AK-47 को 'प्लाटून स्तर का हथियार' बताते हुए कहा गया कि इसका इस्तेमाल विशेष अभियान में होता है। 

सरकार ने माना कि हथियार का इस्तेमाल स्थिति में नहीं होना चाहिए था। फायरिंग करने वाले कांस्टेबल को निलंबित कर दिया गया है और विभागीय जांच शुरू है। सरकार ने स्पष्ट किया कि AK-47 की गोलियों से कोई प्रदर्शनकारी घायल नहीं हुआ।

9MM पिस्टल से 3 घायल  
हाथी चौक के पास एक ASI ने भीड़ हटाने के लिए 9MM पिस्टल से 2 राउंड फायर किए। इसमें 3 प्रदर्शनकारियों को मामूली चोटें आईं। सरकार ने कहा ये चोटें AK-47 से नहीं लगीं। मामले की बैलिस्टिक जांच जारी है।

गिरफ्तारी और रिहाई का आंकड़ा  
69 FIR दर्ज, करीब 500 लोग गिरफ्तार  
SC के निर्देश पर 222 छात्र बिना आपराधिक रिकॉर्ड के जमानत पर रिहा  
75 किशोर किशोर न्याय बोर्ड से छोड़े गए  
18 से कम उम्र के छात्रों को साधारण बॉन्ड पर रिहा किया गया

पुलिसकर्मी भी घायल  
सरकार ने बताया कि छपरा सहित कई जगहों पर प्रदर्शन हिंसक हुआ। इसमें 157 पुलिसकर्मी और 7 सरकारी कर्मचारी घायल हुए। छपरा में 2 BDO, 3 इंस्पेक्टर समेत 13 अधिकारी जख्मी हुए। एक BDO की आंख में चोट आई है।

 वीडियो फुटेज सुरक्षित  
SC के आदेश पर सभी वीडियो फुटेज और रिकॉर्ड सुरक्षित रखे गए हैं। प्रदर्शनकारियों की निजी जानकारी और डिजिटल डेटा को सार्वजनिक नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं।

बिहार सरकार ने SC में कहा है कि प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने नियमों के तहत कार्रवाई की। सीवान फायरिंग की जांच जारी है। मंगलवार को इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई होगी।

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Kajal Tiwari

लेखक के बारे में, काजल तिवारी एक समर्पित पत्रकार और मीडिया प्रोफेशनल है, जिन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में वर्ष 2019 से अपने करियर की शुरुआत की। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में स्नातक एवं स्नातकोत्तर की शिक्षा प्राप्त की है। पिछले लगभग 6–7 वर्षों के अपने पत्रकारिता अनुभव में मुझे पटना के कई प्रमुख मीडिया संस्थानों के साथ काम करने का अवसर मिला है। इस दौरान मैंने पत्रकारिता के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय रूप से काम किया, जिसमें न्यूज़ रिपोर्टिंग, ग्राउंड रिपोर्टिंग, राजनीतिक एवं सामाजिक मुद्दों की कवरेज, इंटरव्यू, कंटेंट राइटिंग और वॉयसओवर शामिल हैं। पत्रकारिता मेरे लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को लोगों तक जिम्मेदारी और ईमानदारी के साथ पहुँचाने का माध्यम है। मेरा प्रयास हमेशा तथ्यों पर आधारित, स्पष्ट और प्रभावी पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों और दर्शकों तक सही जानकारी पहुँचाना रहा है।

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