चिराग पासवान ने CM सम्राट चौधरी को लिखा पत्र, अतिथि शिक्षकों और डोमिसाइल की 6 बड़ी मांगें

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने बिहार के 'सहायक प्राध्यापक नियुक्ति नियमावली-2026' पर CM सम्राट चौधरी को पत्र लिखा। अतिथि शिक्षकों का 65 साल तक सेवा समायोजन, आयु सीमा 55, डोमिसाइल नीति, UGC 2018 लागू करने समेत 6 मांगें रखीं। कांग्रेस ने भी नियमावली को बताया NET-JRF के साथ मजाक।

Aug 18, 2026 - 19:03
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चिराग पासवान ने CM सम्राट चौधरी को लिखा पत्र, अतिथि शिक्षकों और डोमिसाइल की 6 बड़ी मांगें
चिराग पासवान ने CM सम्राट चौधरी को लिखा पत्र, अतिथि शिक्षकों और डोमिसाइल की 6 बड़ी मांगें
चिराग पासवान ने CM सम्राट चौधरी को लिखा पत्र, अतिथि शिक्षकों और डोमिसाइल की 6 बड़ी मांगें

पटना: बिहार सरकार की 'सहायक प्राध्यापक नियुक्ति नियमावली-2026' को लेकर सियासत तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री और लोजपा (रामविलास) प्रमुख चिराग पासवान ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को पत्र लिखकर नियमावली पर पुनर्विचार की मांग की है। उन्होंने पत्र को अपने सोशल मीडिया 'X' पर भी साझा किया।

चिराग की चिंता: अतिथि शिक्षकों का भविष्य  
चिराग ने कहा कि नियमावली को अंतिम रूप देने से पहले छात्रों, अतिथि शिक्षकों और विषय विशेषज्ञों से व्यापक चर्चा जरूरी है। उनका जोर खासकर उन अतिथि शिक्षकों पर है जो सालों से विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में पढ़ा रहे हैं। चिराग ने उनके भविष्य को सुरक्षित करने और योग्य अभ्यर्थियों को बराबर मौका देने की बात कही।

CM के सामने रखीं 6 बड़ी मांगें  
चिराग पासवान ने पत्र में सरकार से 6 प्रमुख मांगें की हैं:

1.  UGC रेगुलेशन 2018, टेबल 3A को पूरी तरह लागू किया जाए
2.  अधिकतम आयु सीमा 55 वर्ष की जाए
3.  संविदा के बजाय स्थायी नियुक्ति की जाए
4.  डोमिसाइल नीति सख्ती से लागू हो - बिहार/झारखंड के स्थानीय को प्राथमिकता
5.  विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता में हस्तक्षेप बंद हो
6.  अतिथि शिक्षकों का सेवा समायोजन 65 वर्ष तक किया जाए

 कांग्रेस का हमला  
चिराग के पत्र के बाद कांग्रेस ने भी सरकार को घेरा। बिहार कांग्रेस प्रवक्ता डॉ. स्नेहाशीष वर्धन ने कहा कि नई नियमावली राष्ट्रीय मानकों को दरकिनार कर बनाई गई है। NET, JRF और PhD धारकों के अंकों के साथ "घिनौना मजाक" किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि NDA सरकार की गलत नीतियों से उच्च शिक्षित युवा ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।

मामला क्या है?  
बिहार सरकार नई नियमावली के तहत कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर की बहाली करने जा रही है। इसी को लेकर अब राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई है।

एक तरफ चिराग पासवान अतिथि शिक्षकों के हित में सरकार पर दबाव बना रहे हैं, दूसरी तरफ विपक्ष नियमावली को ही गलत बता रहा है। अब देखना है सरकार इन मांगों पर क्या फैसला लेती है।

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Kajal Tiwari

लेखक के बारे में, काजल तिवारी एक समर्पित पत्रकार और मीडिया प्रोफेशनल है, जिन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में वर्ष 2019 से अपने करियर की शुरुआत की। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में स्नातक एवं स्नातकोत्तर की शिक्षा प्राप्त की है। पिछले लगभग 6–7 वर्षों के अपने पत्रकारिता अनुभव में मुझे पटना के कई प्रमुख मीडिया संस्थानों के साथ काम करने का अवसर मिला है। इस दौरान मैंने पत्रकारिता के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय रूप से काम किया, जिसमें न्यूज़ रिपोर्टिंग, ग्राउंड रिपोर्टिंग, राजनीतिक एवं सामाजिक मुद्दों की कवरेज, इंटरव्यू, कंटेंट राइटिंग और वॉयसओवर शामिल हैं। पत्रकारिता मेरे लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को लोगों तक जिम्मेदारी और ईमानदारी के साथ पहुँचाने का माध्यम है। मेरा प्रयास हमेशा तथ्यों पर आधारित, स्पष्ट और प्रभावी पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों और दर्शकों तक सही जानकारी पहुँचाना रहा है।

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