UP 2027: बीजेपी का 'कुर्मी कार्ड' - विनोद तावड़े प्रभारी, पंकज चौधरी अध्यक्ष, अखिलेश को जवाब देने की तैयारी

UP विधानसभा चुनाव 2027 के लिए BJP ने कमर कस ली। विनोद तावड़े को यूपी प्रभारी और पंकज चौधरी को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया। जगदीश पटेल सह प्रभारी। तीनों कुर्मी नेता। लोकसभा में कुर्मी वोटों के नुकसान के बाद बीजेपी अब इसी कार्ड से वापसी की रणनीति बना रही है। तावड़े को बिहार में जीत का श्रेय भी मिला।

Aug 18, 2026 - 18:54
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UP 2027: बीजेपी का 'कुर्मी कार्ड' - विनोद तावड़े प्रभारी, पंकज चौधरी अध्यक्ष, अखिलेश को जवाब देने की तैयारी

नई दिल्ली: UP विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों में जुटी भाजपा ने अपनी नई टीम उतार दी है। पार्टी ने राज्य की कमान कुर्मी नेताओं के हाथ में सौंपी है। इसे राजनीतिक गलियारों में बीजेपी का 'कुर्मी कार्ड' माना जा रहा है।

कौन-कौन बने नए प्रभारी?  
बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने नई नियुक्तियों का ऐलान किया:  
विनोद तावड़े: यूपी के नए प्रभारी। महाराष्ट्र के कुर्मी नेता हैं और पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री भी हैं।  
पंकज चौधरी: यूपी बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष। मोदी सरकार में वित्त राज्य मंत्री और महाराजगंज से 7 बार सांसद। यूपी के कुर्मी हैं।  
जगदीश ईश्वर भाई पटेल: सह प्रभारी। गुजराती कुर्मी और बीजेपी के राष्ट्रीय सचिव हैं।

क्यों खेला गया कुर्मी कार्ड?  
बीजेपी ने ये दांव 2024 लोकसभा चुनाव में मिली हार के बाद चला है। उस चुनाव में अखिलेश यादव की सपा ने 10 कुर्मी उम्मीदवार उतारे थे, जिनमें से 8 जीत गए थे। यूपी में कुर्मी वोटों के खिसकने से बीजेपी को बड़ा झटका लगा था।

फिलहाल यूपी से बीजेपी के सिर्फ 2 कुर्मी सांसद हैं। अपना दल की अनुप्रिया पटेल भी कुर्मी हैं। इसी वोट बैंक को वापस लाने के लिए पार्टी ने टॉप 3 पदों पर कुर्मी नेताओं को बिठाया है।

तावड़े को क्यों चुना गया?  
विनोद तावड़े सिर्फ कुर्मी होने के कारण नहीं, बल्कि प्रदर्शन के कारण प्रभारी बने हैं। बिहार प्रभारी रहते उन्होंने 2024 लोकसभा और 2025 विधानसभा में पार्टी को जीत दिलाई।  
लोकसभा 2024: 17 में से 12 सीटें, 23.6% वोट  
विधानसभा 2025: 101 में से 85 सीटें, 20.08% वोट  

बिहार और यूपी की सामाजिक संरचना मिलती-जुलती है, इसलिए पार्टी को उम्मीद है कि तावड़े यूपी में भी वही फॉर्मूला दोहराएंगे।

आगे की रणनीति  
बीजेपी का फोकस अब पिछड़े और कुर्मी समाज को साधने पर होगा। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी संगठन को जमीन पर मजबूत करेंगे, जबकि तावड़े चुनावी रणनीति और गठबंधन संभालेंगे।

लोकसभा में कुर्मी वोटों के नुकसान के बाद बीजेपी ने UP 2027 के लिए पूरी बाजी कुर्मी कार्ड पर लगा दी है। अब देखना है कि अखिलेश के OBC समीकरण के सामने बीजेपी का ये दांव कितना काम करता है।

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Kajal Tiwari

लेखक के बारे में, काजल तिवारी एक समर्पित पत्रकार और मीडिया प्रोफेशनल है, जिन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में वर्ष 2019 से अपने करियर की शुरुआत की। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में स्नातक एवं स्नातकोत्तर की शिक्षा प्राप्त की है। पिछले लगभग 6–7 वर्षों के अपने पत्रकारिता अनुभव में मुझे पटना के कई प्रमुख मीडिया संस्थानों के साथ काम करने का अवसर मिला है। इस दौरान मैंने पत्रकारिता के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय रूप से काम किया, जिसमें न्यूज़ रिपोर्टिंग, ग्राउंड रिपोर्टिंग, राजनीतिक एवं सामाजिक मुद्दों की कवरेज, इंटरव्यू, कंटेंट राइटिंग और वॉयसओवर शामिल हैं। पत्रकारिता मेरे लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को लोगों तक जिम्मेदारी और ईमानदारी के साथ पहुँचाने का माध्यम है। मेरा प्रयास हमेशा तथ्यों पर आधारित, स्पष्ट और प्रभावी पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों और दर्शकों तक सही जानकारी पहुँचाना रहा है।

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