BPSC का दो चरण में परीक्षा का नया नियम, हाथी चले बाजार... वाले बयान पर भड़के तेजस्वी यादव
BPSC परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह ने दो चरण में परीक्षा, नेगेटिव मार्किंग और हिंदी-अंग्रेजी विवाद पर स्थिति स्पष्ट की। कहा- UPSC, UPPSC, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल भी दो-तीन चरण में परीक्षा लेते हैं, राधाकृष्णन कमेटी और EOU ने भी यही सुझाव दिया, अब TRE समेत सभी परीक्षा दो चरण में होगी। 70वीं BPSC टॉपर की कॉपी पर सवाल पर कहा- हाथी चले बाजार कुत्ता भौंके हजार। इस पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने गर्दनीबाग में छात्रों के बीच कहा- अधिकारी माफी मांगे।
पटना: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने परीक्षाओं पर उठ रहे सवालों पर सफाई दी है। परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह ने कहा – ये कहना गलत है कि सिर्फ बिहार दो चरण में परीक्षा ले रहा है।
UPSC, UPPSC, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल पहले से दो-तीन चरण में परीक्षा ले रहे हैं। NEET UG विवाद के बाद बनी राधाकृष्णन कमेटी और EOU ने भी कदाचार रोकने के लिए कम से कम दो चरण में परीक्षा का सुझाव दिया था। इसी आधार पर अब BPSC की सभी परीक्षाएं TRE समेत कम से कम दो चरण में होंगी।
हाथी चले बाजार वाले बयान से विवाद
70वीं BPSC टॉपर की कॉपी पर सवाल पूछे जाने पर परीक्षा नियंत्रक ने कहा – जिसे तथ्य लगे वो कोर्ट जाए, और इसी दौरान कहा – हाथी चले बाजार, कुत्ता भौंके हजार। इस बयान पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव गर्दनीबाग धरना स्थल पर छात्रों के समर्थन में पहुंचे और भड़क गए।
जिस अधिकारी ने कुत्ता-बिल्ली वाला बयान दिया है, उसे माफी मांगनी चाहिए। तेजस्वी ने कहा – सरकार की कथनी-करनी में फर्क है, छात्रों की बात सुनने कोई आए और उनकी मांग पूरी हो।
BPSC ने और क्या कहा?
नेगेटिव मार्किंग: दो-स्तरीय व्यवस्था में ऑब्जेक्टिव में नेगेटिव मार्किंग अनिवार्य है, ताकि तुक्केबाजी से सेलेक्शन न हो, सिर्फ योग्य चुने जाएं।
हिंदी vs अंग्रेजी: आयोग फॉर्म में माध्यम का विकल्प ही नहीं मांगता, भाषा-वार डेटा ही नहीं है। अभ्यर्थी किसी भी माध्यम में परीक्षा/इंटरव्यू दे सकते हैं। हिंदी वालों को कम नंबर का आरोप निराधार है। कॉपी जांचने वाले 15-40 साल अनुभवी और ज्यादातर हिंदी माध्यम के ही होते हैं, जनरल स्टडीज की कॉपी एक ही परीक्षक जांचता है।
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