23 दिन बाद खत्म हुआ सोनम वांगचुक का अनशन, जेपी नड्डा से बातचीत के बाद लिया फैसला...
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 23 दिन लंबी भूख हड़ताल समाप्त कर दी। स्वास्थ्य बिगड़ने पर उन्हें सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से CJP डेलिगेशन की मुलाकात के बाद वांगचुक और अभिजीत दीपके दोनों ने अपना अनशन वापस लिया। नड्डा ने प्रदर्शनकारियों से धरना खत्म कर सामान्य स्थिति बहाल करने की अपील की।
नीट और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर 23 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने सोमवार को अपना अनशन खत्म कर दिया।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान तबीयत बिगड़ने के बाद 18 जुलाई को उन्हें सफदरजंग अस्पताल में भर्ती किया गया था। डॉक्टरों ने उनके शरीर में डिहाइड्रेशन, पोटैशियम की कमी और कीटोन लेवल बढ़ने की पुष्टि की थी।
जेपी नड्डा से हुई बातचीत
सोमवार को केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने CJP के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। नड्डा ने एक्स पर बताया कि प्रदर्शनकारियों की ओर से पहली बार बातचीत का प्रस्ताव आया। सुबह 11:50 बजे से चर्चा शुरू हुई और करीब 4 बजे उन्हें लिखित मांग पत्र सौंपा गया।
नड्डा ने कहा, "सौहार्दपूर्ण माहौल में बात हुई। मैंने सभी से अनुरोध किया कि वे धरना समाप्त करें और प्रशासन को सामान्य स्थिति बहाल करने में मदद करें।"
इसी बातचीत के बाद सोनम वांगचुक ने अपना अनशन वापस लेने का फैसला किया।
अभिजीत दीपके ने भी तोड़ी भूख हड़ताल
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने भी अपना आमरण अनशन खत्म किया। उन्होंने 18 जुलाई को वांगचुक के अस्पताल में भर्ती होने के बाद अनशन शुरू किया था।
दीपके ने बताया कि एक NEET अभ्यर्थी के पिता और खुद सोनम वांगचुक की अपील पर उन्होंने अनशन तोड़ा। हालांकि उन्होंने साफ किया कि आंदोलन खत्म नहीं हुआ है और छात्रों के मुद्दों पर लड़ाई जारी रहेगी।
फिलहाल इस चरण का आंदोलन समाप्त हो गया है। अब सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच आगे की बातचीत जारी रहने की उम्मीद है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)