प्रशांत किशोर की एंट्री से लेकर तेज प्रताप तक, क्या खतरे में है नेता प्रतिपक्ष की कुर्सी?

बिहार में तेजस्वी यादव के सामने सबसे बड़ा राजनीतिक खतरा। प्रशांत किशोर की जन सुराज ने MY से वोट काटे, तेज प्रताप का समर्थन, चिराग से नजदीकी और नेगेटिव इमेज। बांकीपुर उपचुनाव में RJD की जमानत जब्त। क्या 2027 के बाद भी तेजस्वी बने रहेंगे नेता प्रतिपक्ष?

Aug 20, 2026 - 16:48
0 1
 प्रशांत किशोर की एंट्री से लेकर तेज प्रताप तक, क्या खतरे में है नेता प्रतिपक्ष की कुर्सी?

पटना: RJD के युवराज तेजस्वी यादव इस वक्त बिहार की राजनीति में सबसे मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं। बीजेपी से लड़ाई के साथ-साथ अब उन्हें विपक्ष के मुख्य चेहरे की कुर्सी बचाने की भी चुनौती मिल गई है।

खतरा-1: प्रशांत किशोर की एंट्री  
जन सुराज के प्रशांत किशोर का बांकीपुर से विधायक बनना तेजस्वी के लिए बड़ा झटका है। PK ने सिर्फ MY समीकरण में सेंध नहीं लगाई, बल्कि एक बड़े वोट बैंक को सीधे जन सुराज में शिफ्ट करा दिया।

बांकीपुर उपचुनाव में वो वोटर जो बीजेपी के डर से RJD को वोट करते थे, वो अब सवर्ण, अति पिछड़ा, पिछड़ा और मुस्लिम का एक हिस्सा लेकर PK के साथ चले गए। नतीजा - RJD की जमानत जब्त। 30 हजार से ज्यादा वोट इधर से उधर हो गए।

खतरा-2: तेज प्रताप का PK को समर्थन  
घर से ही खतरा बढ़ गया है। तेज प्रताप यादव ने बांकीपुर में जन सुराज का समर्थन कर दिया। वो पहले से ही RJD के मौजूदा नेतृत्व से नाराज चल रहे हैं। अगर भविष्य में तेज प्रताप + प्रशांत किशोर का गठबंधन बन गया, तो ये तेजस्वी के लिए सीधी चुनौती होगी।

खतरा-3: PK-चिराग की नजदीकी  
प्रशांत किशोर और चिराग पासवान की बढ़ती नजदीकी भी तेजस्वी के लिए खतरे की घंटी है। दोनों युवा राजनीति और विकास के मुद्दे पर एक-दूसरे की तारीफ कर रहे हैं। इससे तेजस्वी की राजनीति को नकारात्मक बताकर पेश किया जा रहा है।

खतरा-4: नेगेटिव इमेज  
तेजस्वी पर निष्क्रिय और लापरवाह होने की छवि बन रही है। इसे तोड़ने के लिए ही उन्होंने लोक भवन मार्च और छात्र आंदोलनों में सक्रियता दिखाई। RJD के वरिष्ठ नेता उदय नारायण चौधरी ने भी लालू से कहा था - "तेजस्वी जी जनता से मिलते रहिए।" ये इशारा इसी खतरे की तरफ था।

सवाल: क्या बचेगी नेता प्रतिपक्ष की कुर्सी?  
बिहार के बदलते समीकरण में अब सवाल यही है कि 2027 चुनाव के बाद भी तेजस्वी ही विपक्ष के चेहरे रहेंगे या कोई और इस जगह पर काबिज हो जाएगा। प्रशांत किशोर का उभार, घर की फूट और नई युवा जोड़ी ने तेजस्वी के राजनीतिक करियर को सबसे बड़े इम्तिहान में डाल दिया है। अब मैदान में एक्टिव रहकर ही वो इस खतरे से निपट सकते हैं।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0
Kajal Tiwari

लेखक के बारे में, काजल तिवारी एक समर्पित पत्रकार और मीडिया प्रोफेशनल है, जिन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में वर्ष 2019 से अपने करियर की शुरुआत की। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में स्नातक एवं स्नातकोत्तर की शिक्षा प्राप्त की है। पिछले लगभग 6–7 वर्षों के अपने पत्रकारिता अनुभव में मुझे पटना के कई प्रमुख मीडिया संस्थानों के साथ काम करने का अवसर मिला है। इस दौरान मैंने पत्रकारिता के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय रूप से काम किया, जिसमें न्यूज़ रिपोर्टिंग, ग्राउंड रिपोर्टिंग, राजनीतिक एवं सामाजिक मुद्दों की कवरेज, इंटरव्यू, कंटेंट राइटिंग और वॉयसओवर शामिल हैं। पत्रकारिता मेरे लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को लोगों तक जिम्मेदारी और ईमानदारी के साथ पहुँचाने का माध्यम है। मेरा प्रयास हमेशा तथ्यों पर आधारित, स्पष्ट और प्रभावी पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों और दर्शकों तक सही जानकारी पहुँचाना रहा है।

Comments (0)

User