कांवड़ यात्रा से पहले सड़क और सियासत पर घमासान, AIMIM ने उठाए सवाल

30 जुलाई से शुरू हो रही कांवड़ यात्रा से पहले यूपी की सियासत तेज हो गई है। AIMIM प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली ने कहा कि नेशनल हाईवे बंद कर जनता को परेशान न किया जाए। उन्होंने सीएम योगी के 'सड़क चलने के लिए है' वाले बयान का हवाला देकर तंज कसा। वहीं योगी सरकार ने यात्रा को सफल बनाने के लिए सुरक्षा और रूट मैनेजमेंट के विशेष इंतजाम किए हैं।

Jul 20, 2026 - 18:34
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कांवड़ यात्रा से पहले सड़क और सियासत पर घमासान, AIMIM ने उठाए सवाल

उत्तर प्रदेश में 30 जुलाई से सावन की प्रसिद्ध कांवड़ यात्रा शुरू होने वाली है। हरिद्वार से जल लेकर शिवभक्तों का जत्था निकल चुका है और माहौल पूरी तरह भक्तिमय है। लेकिन इसी बीच यात्रा को लेकर सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है।

शौकत अली का बयान बना मुद्दा  
AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली ने कांवड़ यात्रा के दौरान रास्ते बंद करने को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा, "सड़कें चलने के लिए होती हैं, न कि कांवड़ या नमाज के लिए। नेशनल हाईवे को बंद करके आम जनता का रास्ता तंग नहीं किया जाना चाहिए। रूट डायवर्ट करने से परेशानी बढ़ती है।"  

शौकत अली ने तंज कसते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है इस बार सीएम योगी आदित्यनाथ इस बात का ध्यान रखेंगे। उन्होंने योगी के ही पुराने बयान का हवाला दिया जिसमें कहा गया था कि सड़क आम लोगों के आवागमन के लिए है।

योगी का पुराना बयान क्यों चर्चा में?  
दरअसल ईद से पहले लखनऊ में एक कार्यक्रम में सीएम योगी ने कहा था कि सड़कों पर नमाज या किसी तरह की अराजकता बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने कहा था "सड़क आम नागरिकों के लिए बनी है। संवाद से मानेंगे तो ठीक, नहीं तो संघर्ष का रास्ता भी है।"  
शौकत अली इसी बयान को कांवड़ यात्रा पर लागू करने की मांग कर रहे हैं।

सरकार की तैयारी  
दूसरी तरफ योगी सरकार कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण और सफल बनाने में जुटी है। हरिद्वार से यूपी और अन्य राज्यों को जाने वाले रूट पर कानून-व्यवस्था के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। सीएम योगी ने संबंधित जिलों के अधिकारियों के साथ बैठक कर समीक्षा की है। 

पिछले दिनों शामली, बिजनौर और गाजियाबाद में योगी ने इशारा किया था कि इस बार भी वे हेलिकॉप्टर से कांवड़ियों पर पुष्प वर्षा करेंगे।

अगले साल विधानसभा चुनाव से पहले इस कांवड़ यात्रा को राजनीतिक तौर पर भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब देखना होगा कि रूट और ट्रैफिक को लेकर उठे सवालों के बीच सरकार कैसे संतुलन बनाती है।

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Kajal Tiwari

लेखक के बारे में, काजल तिवारी एक समर्पित पत्रकार और मीडिया प्रोफेशनल है, जिन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में वर्ष 2019 से अपने करियर की शुरुआत की। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में स्नातक एवं स्नातकोत्तर की शिक्षा प्राप्त की है। पिछले लगभग 6–7 वर्षों के अपने पत्रकारिता अनुभव में मुझे पटना के कई प्रमुख मीडिया संस्थानों के साथ काम करने का अवसर मिला है। इस दौरान मैंने पत्रकारिता के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय रूप से काम किया, जिसमें न्यूज़ रिपोर्टिंग, ग्राउंड रिपोर्टिंग, राजनीतिक एवं सामाजिक मुद्दों की कवरेज, इंटरव्यू, कंटेंट राइटिंग और वॉयसओवर शामिल हैं। पत्रकारिता मेरे लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को लोगों तक जिम्मेदारी और ईमानदारी के साथ पहुँचाने का माध्यम है। मेरा प्रयास हमेशा तथ्यों पर आधारित, स्पष्ट और प्रभावी पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों और दर्शकों तक सही जानकारी पहुँचाना रहा है।

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