Women Reservation पर नई जंग, रिजिजू vs राहुल के बाद चिदंबरम कूदे, बोले- 2029 से पहले लागू करो
महिला आरक्षण को लेकर किरेन रिजिजू और राहुल गांधी के बीच X पर बहस के बाद पी. चिदंबरम भी उतरे। चिदंबरम ने कहा महिला आरक्षण को जनगणना और परिसीमन से अलग किया जाए। 2029 से पहले लागू किया जा सकता है।
नई दिल्ली: महिला आरक्षण को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और राहुल गांधी के बीच X पर बहस के बाद अब पी. चिदंबरम भी इसमें कूद पड़े हैं।
रिजू ने क्या कहा?
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू का कहना है कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2034 के आम चुनाव से पहले लागू नहीं हो सकता। वजह: ये कानून 2026 के बाद होने वाली जनगणना और परिसीमन पर आधारित है।
राहुल और चिदंबरम का पलटवार
राहुल गांधी ने जवाब दिया कि ये कानून 3 साल पहले सर्वसम्मति से पास हुआ था। इसे बिना शर्त लागू किया जाना चाहिए।
पी. चिदंबरम ने भी कांग्रेस का रुख दोहराते हुए कहा कि सरकार इसे जानबूझकर जनगणना से जोड़ रही है।
रिजू गलत हैं। संविधान 106वां संशोधन 2023 पहले से ही लोकसभा में 33% महिला आरक्षण का प्रावधान करता है। बीजेपी ने इसे शरारतपूर्ण तरीके से परिसीमन से जोड़ दिया। चिदंबरम ने आरोप लगाया, सरकार का कोई छिपा एजेंडा है। अगर इस जुड़ाव को हटा दिया जाए तो आरक्षण को 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले लागू किया जा सकता है।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम क्या है?
2023 में संसद के दोनों सदनों से पास हुआ ये बिल विधानसभा और लोकसभा में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण का प्रावधान करता है। लेकिन संविधान संशोधन विधेयक लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत न मिलने के कारण अटक गया था। इसी वजह से कानून लागू नहीं हो पाया। सरकार का तर्क है कि आरक्षण सीटों का निर्धारण परिसीमन के बाद ही संभव है।
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