Bankipur नतीजों के बाद सरकार का बड़ा फैसला, बिहार के हर जिले में तैनात होंगे सवर्ण आयोग के नोडल अधिकारी
बिहार सवर्ण आयोग ने हर जिले में नोडल अधिकारी तैनात करने का ऐलान किया। ये अधिकारी सवर्ण समाज की शिकायतें सुनेंगे और सरकारी योजनाओं तक पहुंच आसान बनाएंगे। आयोग का फोकस आर्थिक रूप से कमजोर 50% सवर्णों पर। फैसले की टाइमिंग पर सियासी चर्चा तेज।
पटना: बिहार सवर्ण आयोग ने राज्य में सवर्ण समाज की शिकायतों के निपटारे के लिए बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। आयोग के अध्यक्ष महाचंद्र सिंह ने कहा कि अब सभी जिलों में नोडल अधिकारियों की तैनाती की जाएगी।
हर जिले में होगा नोडल अधिकारी
महाचंद्र सिंह के मुताबिक ये अधिकारी सवर्ण समाज के लोगों की समस्याएं सुनेंगे और संबंधित विभागों से समन्वय कर उनका समाधान कराएंगे।
लक्ष्य है कि लोगों को बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। शिकायतों की निगरानी भी होगी ताकि समय पर निपटारा हो।
आर्थिक रूप से कमजोरों पर फोकस
आयोग ने कहा कि बिहार में 50% से अधिक सवर्ण आर्थिक रूप से कमजोर हैं। इन्हें सरकारी योजनाओं और प्रशासनिक सहायता का लाभ तुरंत मिले, इसके लिए नई व्यवस्था बनाई जा रही है।
फैसले की टाइमिंग पर सियासी बहस
इस ऐलान की चर्चा बांकीपुर उपचुनाव के ठीक बाद होने की वजह से तेज है। हाल के चुनाव में अगड़े मतदाताओं के रुख को लेकर सियासी दलों में मंथन चल रहा है।
हालांकि सरकार या आयोग ने इसे चुनाव से नहीं जोड़ा है। लेकिन जानकारों का मानना है कि ये आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सरकार की सामाजिक पहुंच बढ़ाने की कोशिश का हिस्सा हो सकता है।
आगे क्या असर होगा?
अगर नोडल अधिकारी प्रभावी रहे तो सवर्ण समाज की शिकायतों का निस्तारण आसान होगा। राजनीतिक रूप से भी इसे सरकार की सामाजिक रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। अब देखना होगा कि जमीनी स्तर पर इसका असर क्या रहता है और विपक्ष क्या रुख अपनाता है।
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