Deepak Prakash बने MLC: उपेंद्र कुशवाहा के बेटे को राज्यपाल कोटे से विधान परिषद में जगह, मंत्री पद बचा
RLM प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश को बिहार विधान परिषद में राज्यपाल कोटे से MLC मनोनीत किया गया। इससे सम्राट सरकार में पंचायती राज मंत्री का पद सुरक्षित हो गया। जानिए कौन हैं उनकी पत्नी साक्षी मिश्रा कुशवाहा और क्यों था मंत्री पद पर संकट।
पटना: राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश अब बिहार विधान परिषद के सदस्य हैं। बीजेपी नेता देवेश कुमार के इस्तीफे से खाली हुई सीट पर उन्हें राज्यपाल कोटे से MLC मनोनीत किया गया है।
इस फैसले के साथ ही सम्राट सरकार में पंचायती राज मंत्री के तौर पर दीपक प्रकाश का पद भी सुरक्षित हो गया।
पत्नी साक्षी ने मनाई खुशी
MLC बनने की खबर मिलते ही दीपक की पत्नी साक्षी मिश्रा कुशवाहा ने घर पर मिठाई खिलाकर उन्हें बधाई दी।
कौन हैं साक्षी मिश्रा?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक साक्षी यूपी के रिटायर्ड IAS अधिकारी एस. एन. मिश्रा की बेटी हैं। एस. एन. मिश्रा अपने कार्यकाल में यूपी में कई अहम पदों पर रहे। साक्षी सामाजिक कार्यों से जुड़ी हैं और सोशल मीडिया पर भी एक्टिव रहती हैं। दीपक और साक्षी की लव मैरिज बताई जाती है, हालांकि मुलाकात की डिटेल सार्वजनिक नहीं है।
मंत्री पद पर क्यों लटकी थी तलवार?
दीपक प्रकाश को बिना विधानसभा या विधान परिषद के सदस्य बने मंत्री बनाया गया था। संविधान के अनुच्छेद 164(4) के अनुसार बिना सदन का सदस्य बने कोई व्यक्ति सिर्फ 6 महीने तक मंत्री रह सकता है।
दीपक ने पहली बार 20 नवंबर 2025 को शपथ ली थी। 6 महीने की अवधि मई 2026 में पूरी हो चुकी थी। सम्राट चौधरी सरकार बनने पर उन्हें दोबारा मंत्री शपथ दिलाई गई, जिस पर सवाल उठे।
इस मुद्दे को लेकर सुप्रीम कोर्ट में PIL भी दायर हुई है। कोर्ट ने बिहार सरकार से जवाब मांगा है।
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