फरक्का जलसंधि पर लालू यादव का पलटवार, संजय झा को बताया 'नौसिखिया', नीतीश पर भी साधा निशाना
फरक्का बैराज समझौते पर JDU कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा के लेख के बाद लालू प्रसाद यादव का तीखा हमला। लालू ने संजय झा को नौसिखिया बताया और कहा- नीतीश ने संसद में कभी एक शब्द नहीं बोला। 1996 की भारत-बांग्लादेश फरक्का जलसंधि दिसंबर 2026 में खत्म हो रही है, बिहार की जल सुरक्षा पर फिर सियासत गरमाई।
पटना: फरक्का जलसंधि को लेकर बिहार में सियासत गरमा गई है। RJD अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने JDU के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा पर बिना नाम लिए तीखा हमला बोला और उन्हें 'नौसिखिया' करार दिया।
लालू का हमला – इतिहास-भूगोल नहीं पता
लालू यादव ने शनिवार को X पर पोस्ट कर कहा – फरक्का बैराज पर बोलने वालों को इसके इतिहास और भूगोल की जानकारी नहीं है। राजद ने संसद से लेकर राज्य सरकार तक हर मंच पर इसका कड़ा विरोध किया था। मेरी दूरदृष्टि ने पहले ही पहचान लिया था कि बंगाल में गंगा पर बने फरक्का बैराज से बिहार को गंभीर खतरा होगा।
नीतीश पर तंज
लालू ने नीतीश कुमार पर भी निशाना साधा – नीतीश कुमार ने संसद में फरक्का बैराज पर कभी एक शब्द नहीं बोला। उन्होंने हमेशा दीर्घकालिक मुद्दों के बजाय क्षणिक लाभ की राजनीति की। उन्होंने संजय झा को नसीहत दी – "बोलने से पहले जल संसाधन विभाग जाकर गंगा में जल उपलब्धता, बांग्लादेश के साथ संधि के असर और तत्कालीन सिंचाई मंत्री जगदानंद सिंह के पत्राचार को पढ़ना चाहिए।"
क्या है पूरा मामला?
1996 में भारत-बांग्लादेश के बीच हुई फरक्का जलसंधि की अवधि दिसंबर 2026 में खत्म हो रही है। इसे लेकर बिहार की जल सुरक्षा फिर चर्चा में है।
संजय झा ने 20 अगस्त को एक लेख में केंद्र से मांग की थी कि मौजूदा स्वरूप में संधि का नवीनीकरण न हो। उन्होंने कहा था – 1996 में बिहार के हितों की अनदेखी हुई, 30 साल के आंकड़े नुकसान साबित करते हैं। 2050 तक की जल जरूरतों का वैज्ञानिक आकलन कर नई व्यवस्था बने।
सियासी जंग तेज
संजय झा के इस लेख के बाद लालू का पलटवार आया है। फरक्का को बिहार के दीर्घकालिक जल हितों से जोड़कर दोनों दलों में बयानबाजी तेज हो गई है, आने वाले दिनों में ये बहस और बढ़ने के आसार हैं।
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