हिंदुत्व नहीं, रोजगार: जंतर-मंतर से सपा साध रही 2027 का युवा वोट...

नीट और भर्ती घोटालों के मुद्दे पर जंतर-मंतर पर सपा की सक्रियता को सिर्फ आंदोलन समर्थन नहीं माना जा रहा। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि अखिलेश यादव 2027 यूपी चुनाव के लिए युवाओं को साधने में जुटे हैं। शिक्षा, रोजगार और पेपर लीक जैसे मुद्दों से 3.5 लाख से ज्यादा छात्र सीधे जुड़े हैं। डिंपल यादव को महिला-युवा चेहरा बनाकर पार्टी नई पहुंच बनाने की कोशिश कर रही है।

Jul 22, 2026 - 17:46
0 2
हिंदुत्व नहीं, रोजगार: जंतर-मंतर से सपा साध रही 2027 का युवा वोट...

दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के समर्थन में समाजवादी पार्टी की एंट्री को अब महज प्रदर्शन नहीं माना जा रहा। पार्टी इसे 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव की जमीन तैयार करने के तौर पर इस्तेमाल कर रही है।

युवा ही निशाने पर  
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अखिलेश यादव जानबूझकर शिक्षा, भर्ती और पेपर लीक जैसे मुद्दे उठा रहे हैं। वजह साफ है - यूपी में सबसे ज्यादा युवा वोटर हैं।  
सिर्फ 2026 की NEET में प्रदेश से 3.56 लाख से ज्यादा छात्रों ने रजिस्ट्रेशन किया था। पुलिस भर्ती, शिक्षक भर्ती से जुड़े लाखों परिवार भी इन गड़बड़ियों से सीधे प्रभावित होते हैं।  
सपा की रणनीति है कि इन आकांक्षाओं को राजनीतिक समर्थन में बदला जाए।

क्यों चुना ये मुद्दा?  
पार्टी नेताओं का मानना है कि जब बहस हिंदुत्व या धार्मिक मुद्दों पर जाती है तो बीजेपी का जवाबी नैरेटिव भारी पड़ता है। लेकिन शिक्षा, रोजगार और पेपर लीक ऐसे सवाल हैं जिन्हें दूसरी तरफ मोड़ना मुश्किल है। "ये मुद्दे लाखों घरों से जुड़े हैं। यहां युवा असंतोष को वोट में बदलने की गुंजाइश ज्यादा है," एक वरिष्ठ सपा नेता ने कहा।

संगठन को भी मिलेगा बूस्ट  
लोकसभा चुनाव में बेहतर प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ताओं में जोश है। जानकारों का कहना है कि अगर शीर्ष नेतृत्व लगातार सड़क पर दिखेगा तो इसका असर बूथ लेवल तक जाएगा और संगठन और मजबूत होगा।

डिंपल यादव का नया रोल  
इस पूरी रणनीति में डिंपल यादव की भूमिका भी अहम है। जंतर-मंतर पर छात्रों के बीच उनकी मौजूदगी ने संकेत दिया कि पार्टी उन्हें महिलाओं और युवाओं के बीच नया चेहरा बना सकती है।  
उनकी शांत और कम विवादित छवि उन वर्गों तक पहुंच बनाने में मददगार मानी जा रही है जहां सपा की पकड़ पहले कमजोर रही है।

कुल मिलाकर, दिल्ली से शुरू हुई ये सक्रियता सिर्फ एक प्रोटेस्ट नहीं है। सपा हिंदुत्व की बहस से हटकर युवाओं, शिक्षा और नौकरी के मुद्दे पर 2027 की लड़ाई लड़ने की तैयारी कर रही है। अखिलेश मुख्य चेहरा हैं, तो डिंपल पूरक भूमिका में महिला वोट को साधने का काम करेंगी।

What's Your Reaction?

Like Like 1
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0
Kajal Tiwari

लेखक के बारे में, काजल तिवारी एक समर्पित पत्रकार और मीडिया प्रोफेशनल है, जिन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में वर्ष 2019 से अपने करियर की शुरुआत की। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में स्नातक एवं स्नातकोत्तर की शिक्षा प्राप्त की है। पिछले लगभग 6–7 वर्षों के अपने पत्रकारिता अनुभव में मुझे पटना के कई प्रमुख मीडिया संस्थानों के साथ काम करने का अवसर मिला है। इस दौरान मैंने पत्रकारिता के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय रूप से काम किया, जिसमें न्यूज़ रिपोर्टिंग, ग्राउंड रिपोर्टिंग, राजनीतिक एवं सामाजिक मुद्दों की कवरेज, इंटरव्यू, कंटेंट राइटिंग और वॉयसओवर शामिल हैं। पत्रकारिता मेरे लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को लोगों तक जिम्मेदारी और ईमानदारी के साथ पहुँचाने का माध्यम है। मेरा प्रयास हमेशा तथ्यों पर आधारित, स्पष्ट और प्रभावी पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों और दर्शकों तक सही जानकारी पहुँचाना रहा है।

Comments (0)

User